नई दिल्ली। अभिनेता अक्षय कुमार ने मंगलवार को कहा कि वह बंबई उच्च न्यायालय की औरंगाबाद पीठ द्वारा फिल्म ‘जॉली एलएलबी 2’ की रिलीज से पहले इसके विवादित दृश्यों को हटाए जाने के फैसले का सम्मान करते हैं। न्यायालय के अनुसार, यह दृश्य न्यायपालिका का अपमान करते हैं और अदालत की अवमानना के समान हैं।
अदालत द्वारा चार दृश्यों को हटाए जाने पर अक्षय ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, “उच्च न्यायालय ने चार दृश्य नहीं हटाए हैं, बल्कि एक दृश्य में चार कट किए हैं। मैंने बहुत बार सुना कि न्यायालय ने चार दृश्य हटाए हैं। उच्च न्यायालय के सम्मान के साथ (कहना चाहूंगा कि), अगर उन्हें लगता है कि फिल्म से यह दृश्य हटाना जरूरी है, तो हम उनके निर्णय को स्वीकार करेंगे और हम पहले ही ऐसा कर चुके हैं।”
उन्होंने कहा, “कभी-कभी ऐसा होता है कि कोई (सेंसर बोर्ड) कुछ भूल जाता है। मैं न्यायालय के फैसले के साथ हूं और उसका सम्मान करता हूं।”
उन्होंने कहा, “उच्च न्यायालय ने एक सीन में कुछ कट सुझाए थे। हमने फिल्म से दृश्य हटा दिए हैं। अब सब कुछ हल हो चुका है और फिल्म 10 फरवरी को रिलीज होने जा रही है।”
न्यायमूर्ति एस.एस. शिंदे और जस्टिस के.के. सोनवणे की खंडपीठ ने नए सिरे से फिल्म में दृश्य हटाए जाने के बाद फिल्म को प्रमाणित करने के लिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को आदेश दिया है।
–आईएएनएस

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